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=== कर्णावती (अहमदाबाद) ===
=== कर्णावती (अहमदाबाद) ===
साबरमती नदी के तटपर गुजरात राज्य का यह सबसे बड़ा नगर है। इसका पुराना नाम कर्णावती है।भारत में वस्त्र उद्योग का मुम्बई के बाद यह सबसे बड़ा केन्द्र है। अनेक वर्षों तक यह गुजरात की राजधानी रहा महात्मा गांधी का साबरमती आश्रम यहीं है। इसी आश्रम से गाँधीजी ने ऐतिहासिक दांडी यात्रा प्रारम्भ की थी। नगर में अनेक धार्मिक व ऐतिहासिक स्थल हैं।दुधारेश्वर, नृसिंह, हनुमान, भद्रकाली के मन्दिर यहाँ के प्रमुख मन्दिर हैं। दधीचि ऋषि का आश्रम यहीं साबरमती के तट पर था ।
साबरमती नदी के तटपर गुजरात राज्य का यह सबसे बड़ा नगर है। इसका पुराना नाम कर्णावती है।भारत में वस्त्र उद्योग का मुम्बई के बाद यह सबसे बड़ा केन्द्र है। अनेक वर्षों तक यह गुजरात की राजधानी रहा महात्मा गांधी का साबरमती आश्रम यहीं है। इसी आश्रम से गाँधीजी ने ऐतिहासिक दांडी यात्रा प्रारम्भ की थी। नगर में अनेक धार्मिक व ऐतिहासिक स्थल हैं।दुधारेश्वर, नृसिंह, हनुमान, भद्रकाली के मन्दिर यहाँ के प्रमुख मन्दिर हैं। दधीचि ऋषि का आश्रम यहीं साबरमती के तट पर था ।
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छत्रपति शिवाजी महाराज की कर्मभूमि मुख्य रूप से सह्याद्रि पर्वतमाला के आसपास का क्षेत्र रहा है। यहाँ उनके कार्य से सम्बन्धित अनेक दुर्ग एवं ऐतिहासिक स्थान हैं। इस प्रकार के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों का वर्णन यहाँ दिया जा रहा हैं।
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=== रायगढ़ ===
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यहअति महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दुर्ग है।यहाँ पर शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक हुआ था। शिवाजी महाराज की समाधि भी इसी दुर्ग में है। यह कोलाबा जिले के अन्तर्गत पहाड़ी पर स्थित है। यह दुर्ग इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि शिवाजी तथा समर्थ स्वामी रामदास द्वारा स्थापित एवं पूजित देव-विग्रह भी यहाँ प्रतिष्ठित है। शिवाजी महाराज के समय के अनेक भवन, सभाग्रह, सरोवर तथा मन्दिर आज भी विद्यमान हैं। मुख्य मन्दिर भवानी मन्दिर व श्री जगदीश्वर मन्दिर हैं। मन्दिर के पश्चिमी द्वार के पास स्वामी रामदास द्वारा स्थापित महावीर हनुमान् की मूर्ति है। दुर्ग के प्रारम्भिक भाग में तोपखाने का स्थान तथा तोपखाना-प्रमुख मदारशाह की कब्र है। वैशाख शुक्ल द्वितीया (शिवाजी जयन्ती) तथा ज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी(राज्याभिषेक दिवस% हिन्दू साम्राज्य दिवस) केअवसर पर बृहत् उत्सव मनाये जाते हैं।
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=== पुणे ===
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शिवाजी महाराज और पेशवाओं के शौर्य की गाथा कहने वाला पुणे नगर महाराष्ट्र का प्रसिद्ध नगर है। औरंगजेब के घमण्डी सेनापति शाइस्ताखां को यहीं पर शिवाजी की चमत्कारिक शक्ति का आभास हुआ था, जिसके कारण रात को ही अपनी अंगुलियाँ गाँवाकर उसे भागना पड़ा था।पुणे लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक कीभी कर्मभूमि है। तिलक द्वारा है। अब पास में ही नयी राजधानी गांधीनगर का निर्माण किया गया है। स्थापित कई संस्थाएँ व विद्यामन्दिरआज भी कार्यरत हैं।श्री लक्ष्मीनारायण
==References==
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