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=== विद्यालय की भौतिक एवं आर्थिक व्यवस्थाएँ ===
 
=== विद्यालय की भौतिक एवं आर्थिक व्यवस्थाएँ ===
शिक्षा का भौतिकीकरण यह आज की समस्या है । भौतिक पक्ष
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शिक्षा का भौतिकीकरण यह आज की समस्या है । भौतिक पक्ष सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण बन जाते हैं और प्राणवान प्रक्रियाओं और तत्त्वों को भी अपने ही जैसा जड बनाने का प्रयास करते हैं । इस तथ्य को लेकर आज सब त्रस्त हो गये हैं । भारतीय मानस शिक्षा को जिस रूप में समझता है, जिस रूप की अपेक्षा करता है इससे यह वर्तमान स्थिति सर्वथा विपरीत है । आवश्यकता है शिक्षा का प्राणतत्त्व कैसे बलवान बने इसका विचार करने की । इसके लिये हमें भौतिक व्यवस्थाओं को भी शैक्षिक दृष्टि से देखना होगा । भौतिक
सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण बन जाते हैं और प्राणवान प्रक्रियाओं और तत्त्वों को भी
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व्यवस्थाओं को शैक्षिक प्रक्रियाओं से अलग कर उनका स्वतन्त्र विचार करने से बात नहीं बनेगी । भौतिक व्यवस्थाओं का शैक्षिक दृष्टि से निरूपण करने का प्रयास इस पर्व में किया गया है ।
अपने ही जैसा जड बनाने का प्रयास करते हैं । इस तथ्य को लेकर आज सब
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है शिक्षा का प्राणतत्त्व कैसे बलवान बने इसका विचार करने की । इसके लिये
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हमें भौतिक व्यवस्थाओं को भी शैक्षिक दृष्टि से देखना होगा । भौतिक
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व्यवस्थाओं को शैक्षिक प्रक्रियाओं से अलग कर उनका स्वतन्त्र विचार करने
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से बात नहीं बनेगी । भौतिक व्यवस्थाओं का शैक्षिक दृष्टि से निरूपण करने
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का प्रयास इस पर्व में किया गया है ।
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शिक्षा जिसका नियमन करती है ऐसे अर्थ ने स्वयं शिक्षा को ही
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शिक्षा जिसका नियमन करती है ऐसे अर्थ ने स्वयं शिक्षा को ही कैसे जकड लिया है इसका विचार करने पर स्थिति अत्यन्त विषम है यह बात ध्यान में आती है । अतः शिक्षा को प्रथम तो अर्थ के नियमन से मुक्त करना होगा, बाद में वह मुक्ति का मार्ग दिखायेगी । अर्थ के चंगुल से शिक्षा को कैसे मुक्त किया जा सकता है इसका विचार यहाँ किया गया है । इस विचार को अधिक मुखर, अधिक व्यापक बनाने की आवश्यकता है इसका भी संकेत किया गया है ।
कैसे जकड लिया है इसका विचार करने पर स्थिति अत्यन्त विषम है यह बात
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ध्यान में आती है । अतः शिक्षा को प्रथम तो अर्थ के नियमन से मुक्त करना
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मुक्त किया जा सकता है इसका विचार यहाँ किया गया है । इस विचार को
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(४) विद्यालयीन व्यवस्था शास्त्रानुसार हो
 
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पर्व ४ : विद्यालय की भौतिक एवं आर्थिक व्यवस्थाएँ
 
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भारतीय शिक्षा के व्यावहारिक आयाम
 
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विज्ञान कहता है कि ठंडी हवा... विचार नहीं किया जाता । निर्माण पूर्ण होने के पश्चात्‌ उसे
 
विज्ञान कहता है कि ठंडी हवा... विचार नहीं किया जाता । निर्माण पूर्ण होने के पश्चात्‌ उसे
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माता का मंदिर होना चाहिए । प्रतिदिन की वन्दना
 
माता का मंदिर होना चाहिए । प्रतिदिन की वन्दना
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२... विद्यालय प्रारम्भ होने से पूर्व, मध्यावकाश में एवं
 
२... विद्यालय प्रारम्भ होने से पूर्व, मध्यावकाश में एवं
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भारतीय शिक्षा के व्यावहारिक आयाम
 
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८... विद्यालय के भवन F आचार्य का संबंध नित्य विद्यालय भवन से होता है
 
८... विद्यालय के भवन F आचार्य का संबंध नित्य विद्यालय भवन से होता है
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भारतीय शिक्षा के व्यावहारिक आयाम
 
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प्रश्न १० - कक्षा का वातावरण
 
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संस्कार नहीं बन पाते । पहले छात्रों को
 
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भारतीय शिक्षा के व्यावहारिक आयाम
 
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हरियाली नहीं, पौधे नहीं, फलों से भरे
 
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