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इसी प्रकार पड़ोसी धर्म भी होता है। पड़ोसीयों के साथ संबंध बनें रहें, मजबूत हों, लचीले रहें, निरोग रहें और तितिक्षावान रहें इस हेतु जो जो करना पड़े वही पड़ोसी धर्म कहलाता है।
 
इसी प्रकार पड़ोसी धर्म भी होता है। पड़ोसीयों के साथ संबंध बनें रहें, मजबूत हों, लचीले रहें, निरोग रहें और तितिक्षावान रहें इस हेतु जो जो करना पड़े वही पड़ोसी धर्म कहलाता है।
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समाज बने रहने से तात्पर्य है समाज सातत्य से। समाज अपनी विशिष्टताओं के साथ चिरंजीवी बने इस के लिये कुछ आवश्यक बातें समझना चाहिए । समाज बलवान बनता है संगठन से। परस्पर प्रेमभाव से। ऐसा संगठन बनाने के लिये और परस्पर प्रेमभाव निर्माण करने और बनाए रखने की व्यवस्था से। समाज निरोगी, लचीला और तितिक्षावन बनता है योग्य संस्कार और शिक्षा और सुयोग्य व्यवस्थाओं के कारण। इसलिये हमारे पूर्वजों ने इस के लिये अधिजनन, पीढी-दर-पीढी संस्कार संक्रमण के लिये [[Family Structure (कुटुंब व्यवस्था)|कुटुंब व्यवस्था]], श्रेष्ठ, तेजस्वी और प्रभावी ऐसी गुरूकुल शिक्षा व्यवस्था, चतुराश्रम व्यवस्था, वर्णव्यवस्था आदि का निर्माण और व्यवहार किया था। इन्हीं के फलस्वरूप सैंकड़ों वर्षों के निरंतर विदेशी बर्बर आक्रमणों के उपरांत भी हम आज अपनी अत्यंत श्रेष्ठ वेदकालीन परंपराओं से अब तक पूर्णत: टूटे नहीं हैं।
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समाज बने रहने से तात्पर्य है समाज सातत्य से। समाज अपनी विशिष्टताओं के साथ चिरंजीवी बने इस के लिये कुछ आवश्यक बातें समझना चाहिए । समाज बलवान बनता है संगठन से। परस्पर प्रेमभाव से। ऐसा संगठन बनाने के लिये और परस्पर प्रेमभाव निर्माण करने और बनाए रखने की व्यवस्था से। समाज निरोगी, लचीला और तितिक्षावन बनता है योग्य संस्कार और शिक्षा और सुयोग्य व्यवस्थाओं के कारण। इसलिये हमारे पूर्वजों ने इस के लिये अधिजनन, पीढी-दर-पीढी संस्कार संक्रमण के लिये [[Family Structure ([[Family_Structure_(कुटुंब_व्यवस्था)|कुटुंब व्यवस्था]])|[[Family_Structure_(कुटुंब_व्यवस्था)|कुटुंब व्यवस्था]]]], श्रेष्ठ, तेजस्वी और प्रभावी ऐसी गुरूकुल शिक्षा व्यवस्था, चतुराश्रम व्यवस्था, वर्णव्यवस्था आदि का निर्माण और व्यवहार किया था। इन्हीं के फलस्वरूप सैंकड़ों वर्षों के निरंतर विदेशी बर्बर आक्रमणों के उपरांत भी हम आज अपनी अत्यंत श्रेष्ठ वेदकालीन परंपराओं से अब तक पूर्णत: टूटे नहीं हैं।
    
=== धर्म का अर्थ है कर्तव्य ===
 
=== धर्म का अर्थ है कर्तव्य ===

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