Changes

Jump to navigation Jump to search
m
no edit summary
Line 2: Line 2:     
== उद्देश्य ==
 
== उद्देश्य ==
# भाषा प्रकृति की ओर से मनुष्य को मिला हुआ विशिष्ट उपहार है<ref>प्रारम्भिक पाठ्यक्रम एवं आचार्य अभिभावक निर्देशिका, प्रकाशक: पुनरुत्थान प्रकाशन सेवा ट्रस्ट, लेखिका: श्रीमती इंदुमती काटदरे</ref>। केवल मनुष्य को ही भाषा का वरदान प्राप्त है। इसलिए प्रत्येक मनुष्य को भाषा आनी ही चाहिए।
+
# भाषा प्रकृति की ओर से मनुष्य को मिला हुआ विशिष्ट उपहार है<ref>प्रारम्भिक पाठ्यक्रम एवं आचार्य अभिभावक निर्देशिका :अध्याय ३, प्रकाशक: पुनरुत्थान प्रकाशन सेवा ट्रस्ट, लेखिका: श्रीमती इंदुमती काटदरे</ref>। केवल मनुष्य को ही भाषा का वरदान प्राप्त है। इसलिए प्रत्येक मनुष्य को भाषा आनी ही चाहिए।
 
# किसी भी अन्य मानव या व्यक्ति से सोच विचार, भावना, या जानकारी का आदानप्रदान करने के लिए भाषा की आवश्यकता होती है। इसलिए कुछ भी सीखने की इच्छा रखनेवाले व्यक्ति को सर्वप्रथम भाषा सीखना चाहिए।
 
# किसी भी अन्य मानव या व्यक्ति से सोच विचार, भावना, या जानकारी का आदानप्रदान करने के लिए भाषा की आवश्यकता होती है। इसलिए कुछ भी सीखने की इच्छा रखनेवाले व्यक्ति को सर्वप्रथम भाषा सीखना चाहिए।
 
# कोई भी विषय सीखना हो तो भाषा की सहायता से ही सीख सकते हैं।
 
# कोई भी विषय सीखना हो तो भाषा की सहायता से ही सीख सकते हैं।
Line 81: Line 81:  
==References==
 
==References==
 
<references />
 
<references />
      
[[Category:शिक्षा पाठ्यक्रम एवं निर्देशिका]]
 
[[Category:शिक्षा पाठ्यक्रम एवं निर्देशिका]]
 
[[Category:Bhartiya Jeevan Pratiman (भारतीय जीवन प्रतिमान)]]
 
[[Category:Bhartiya Jeevan Pratiman (भारतीय जीवन प्रतिमान)]]
 
[[Category:Education Series]]
 
[[Category:Education Series]]

Navigation menu