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==ब्रह्मसूत्र के रचयिता==
==ब्रह्मसूत्र के रचयिता==
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भगवान बादरायण जी ने ज्ञानकाण्डात्मक उपनिषद् भाग के अर्थ-विस्तार के लिए तथा वेद विरुद्ध-मतों के निराकरण के लिए सूत्रात्मक ग्रंथ रचा। इस ग्रंथ के चार अध्याय होते हैं –
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'''बादरायण'''
==प्रस्थानत्रयी==
==प्रस्थानत्रयी==