Changes

Jump to navigation Jump to search
लेख सम्पादित किया
Line 603: Line 603:     
भक्ति द्राविड़ ऊपजी लाये रामानन्द। प्रकट किया। कबीर ने सप्त द्वीप नवखण्ड।  
 
भक्ति द्राविड़ ऊपजी लाये रामानन्द। प्रकट किया। कबीर ने सप्त द्वीप नवखण्ड।  
 
+
[[File:5.PNG|center|thumb]]
 
<blockquote>'''<big>भरतर्षि: कालिदास: श्रीभोजो जकणास्तथा। सूरदासस्त्यागराजो रसखानश्च सत्कविः ॥20 ॥</big>''' </blockquote>
 
<blockquote>'''<big>भरतर्षि: कालिदास: श्रीभोजो जकणास्तथा। सूरदासस्त्यागराजो रसखानश्च सत्कविः ॥20 ॥</big>''' </blockquote>
  
1,192

edits

Navigation menu