Difference between revisions of "प्रश्न का उत्तर प्रश्न"

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एक बार अकबर के दरबार में आपस में चर्चा चल रही थी की बीरबल बहुत ही अधिक चतुर और समझदार व्यक्ति है इसीलिए महाराज अकबर ने बीरबल को अपने नवरत्नों  में सबसे प्रमुख मानते है | महाराज अकबर ने बीरबल से पूछा की बीरबल तुम बहुत ही समझदार हों हर प्रश्न का उत्तर तुम्हारे पास है हर पहेली का अर्थ तुम्हारे पास है तुम बहुत ही बुद्धिमान हों यह तो सभी जानते है, बीरबल ने सर हिला कर हां कर दिया | तो क्या तुम मेरे एक प्रश्न का उत्तर दे सकते  हो ? महाराज अकबर को जब मौका मिलता हमेशा बीरबल की परीक्षा लिया करते |
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एक बार अकबर के दरबार में आपस में चर्चा चल रही थी की बीरबल बहुत ही अधिक चतुर और समझदार व्यक्ति है इसीलिए महाराज अकबर ने बीरबल को अपने नवरत्नों  में सबसे प्रमुख मानते है महाराज अकबर ने बीरबल से पूछा की बीरबल तुम बहुत ही समझदार हों हर प्रश्न का उत्तर तुम्हारे पास है हर पहेली का अर्थ तुम्हारे पास है तुम बहुत ही बुद्धिमान हों यह तो सभी जानते है, बीरबल ने सर हिला कर हां कर दिया तो क्या तुम मेरे एक प्रश्न का उत्तर दे सकते  हो ? महाराज अकबर को जब मौका मिलता हमेशा बीरबल की परीक्षा लिया करते
  
महाराज ने कहाँ की अगर तुम मेरे प्रश्न का उत्तर दे दोगेतू मई भी मन जाऊंगा की तुम बुद्धिमान हों | बीरबल ने कहा ठीक है महाराज आप प्रश्न पूछिए
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महाराज ने कहाँ की अगर तुम मेरे प्रश्न का उत्तर दे दो गे तो मै भी मान जाऊंगा की तुम बुद्धिमान हों बीरबल ने कहा ठीक है महाराज आप प्रश्न पूछिए, आपका भरोसा  टूटने नहीं दूंगा । अकबर और बीरबल के बिच हमेशा तर्क वितर्क चलते रहते इसलिए महाराज अकबर बीरबल की फिर एकबार बुद्धिमता की परीक्षा लेना चाहते थे ।
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महाराज अकबर ने बीरबल से प्रश्न किया की " बीरबल बताओ की आपकी पत्नी  अपने हाथो में कितनी चुडीयाँ पहनती है, बीरबल थोडा सा आश्चर्य चाकी रह गया । फिर बीरबल ने कहा महाराज यह तो बहोत ही आसन सा प्रश्न है, परन्तु सच कहूँ तो मुझे इस प्रश्न उत्तर पता नहीं हैं ।  अकबर हँसने लगे जोरो से और अकबर की तरफ देख कर पूछा " अरे बीरबल यह बात तुम कैसे नहीं जानते ? तुम्हारी पत्नी तो प्रतिदिन अपने हाथो से तुम्हे भोजन कराती थी , फिर भी तुम्हे कैसे नहीं पता ।
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इस पर बीरबल ने कहा मै इसका उत्तर दे सकता हूँ , परन्तु आपको पहले मेरे साथ शाही उद्यान में चलाना होगा । बीरबल की बात अकबर ने मान ली और बीरबल के साथ उद्यान की तरफ चल पड़े । उद्यान जाने के लिए महल की  सीढियाँ के माध्यम से शाही उद्यान में पहुंचे । शाही उद्यान पहुंचकर बीरबल ने अकबर से कहा अब तो उत्तर दे दीजियें,की आपके पास उत्तर नहीं है इसलिए हमे आप महल से बाहर लाये है ।
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बीरबल ने मुस्कुराते हुए अकबर से पूछा की "महाराज आप बता सकते है क्या की हमने कितनी सीढियाँ पार की  उद्यान आने के लिए ?"अकबर आश्चर्य से कबर की तरफ देखने लगे , बीरबल ने कहा महाराज आप प्रतिदिन शाही उद्यान में टहलने आते है कितनी बार सीढियाँ चढ़ते उतरते है यह पता नहीं । यही हाल मेरा भी है ।
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बीरबल का उत्तर सुनकर अकबर मुस्कुराने लगे और समझ गए की बीरबल उस आसान से प्रश्न का उत्तर क्यों नही दियें ।

Latest revision as of 11:42, 31 July 2020

एक बार अकबर के दरबार में आपस में चर्चा चल रही थी की बीरबल बहुत ही अधिक चतुर और समझदार व्यक्ति है इसीलिए महाराज अकबर ने बीरबल को अपने नवरत्नों में सबसे प्रमुख मानते है । महाराज अकबर ने बीरबल से पूछा की बीरबल तुम बहुत ही समझदार हों हर प्रश्न का उत्तर तुम्हारे पास है हर पहेली का अर्थ तुम्हारे पास है तुम बहुत ही बुद्धिमान हों यह तो सभी जानते है, बीरबल ने सर हिला कर हां कर दिया । तो क्या तुम मेरे एक प्रश्न का उत्तर दे सकते हो ? महाराज अकबर को जब मौका मिलता हमेशा बीरबल की परीक्षा लिया करते ।

महाराज ने कहाँ की अगर तुम मेरे प्रश्न का उत्तर दे दो गे तो मै भी मान जाऊंगा की तुम बुद्धिमान हों । बीरबल ने कहा ठीक है महाराज आप प्रश्न पूछिए, आपका भरोसा टूटने नहीं दूंगा । अकबर और बीरबल के बिच हमेशा तर्क वितर्क चलते रहते इसलिए महाराज अकबर बीरबल की फिर एकबार बुद्धिमता की परीक्षा लेना चाहते थे ।

महाराज अकबर ने बीरबल से प्रश्न किया की " बीरबल बताओ की आपकी पत्नी अपने हाथो में कितनी चुडीयाँ पहनती है, बीरबल थोडा सा आश्चर्य चाकी रह गया । फिर बीरबल ने कहा महाराज यह तो बहोत ही आसन सा प्रश्न है, परन्तु सच कहूँ तो मुझे इस प्रश्न उत्तर पता नहीं हैं । अकबर हँसने लगे जोरो से और अकबर की तरफ देख कर पूछा " अरे बीरबल यह बात तुम कैसे नहीं जानते ? तुम्हारी पत्नी तो प्रतिदिन अपने हाथो से तुम्हे भोजन कराती थी , फिर भी तुम्हे कैसे नहीं पता ।

इस पर बीरबल ने कहा मै इसका उत्तर दे सकता हूँ , परन्तु आपको पहले मेरे साथ शाही उद्यान में चलाना होगा । बीरबल की बात अकबर ने मान ली और बीरबल के साथ उद्यान की तरफ चल पड़े । उद्यान जाने के लिए महल की सीढियाँ के माध्यम से शाही उद्यान में पहुंचे । शाही उद्यान पहुंचकर बीरबल ने अकबर से कहा अब तो उत्तर दे दीजियें,की आपके पास उत्तर नहीं है इसलिए हमे आप महल से बाहर लाये है ।

बीरबल ने मुस्कुराते हुए अकबर से पूछा की "महाराज आप बता सकते है क्या की हमने कितनी सीढियाँ पार की उद्यान आने के लिए ?"अकबर आश्चर्य से कबर की तरफ देखने लगे , बीरबल ने कहा महाराज आप प्रतिदिन शाही उद्यान में टहलने आते है कितनी बार सीढियाँ चढ़ते उतरते है यह पता नहीं । यही हाल मेरा भी है ।

बीरबल का उत्तर सुनकर अकबर मुस्कुराने लगे और समझ गए की बीरबल उस आसान से प्रश्न का उत्तर क्यों नही दियें ।