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साहूकार मन ही मन प्रसन्न हो गया की फिर उसे  लाभ होने वाला है |साहूकार ने तेनालीरामा को बर्तन देते समय बताया की बर्तन गर्भा वस्था में  है कृपया इनका धयान रखिये गा और समय पर लौटा दीजिये गा |कई दिन बीत  गये साहूकार को चिन्ता होने लगी और वह उनके घर पहुच गया | साहूकार ने तेनालीरामा से कहा मेरे बर्तन कहाँ है अभी तक आपने मुझे दिया नही | तेनालीरामा ने कहा आप के बर्तन गर्भावस्था मे थे जन्म देते समय उनकी मृत्यु हो गई  |  
 
साहूकार मन ही मन प्रसन्न हो गया की फिर उसे  लाभ होने वाला है |साहूकार ने तेनालीरामा को बर्तन देते समय बताया की बर्तन गर्भा वस्था में  है कृपया इनका धयान रखिये गा और समय पर लौटा दीजिये गा |कई दिन बीत  गये साहूकार को चिन्ता होने लगी और वह उनके घर पहुच गया | साहूकार ने तेनालीरामा से कहा मेरे बर्तन कहाँ है अभी तक आपने मुझे दिया नही | तेनालीरामा ने कहा आप के बर्तन गर्भावस्था मे थे जन्म देते समय उनकी मृत्यु हो गई  |  
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साहूकार ने तेनालीरामा पर नाराज होने  लगा की आप को मेरा वर्तन देना ही होगा आप मुझे मुर्ख नही बना सकते |मै महाराज से आप की  शिकायत  करूंगा |दोनों महाराज के समक्ष न्याय के लिए पहुचतें है |तेनालीरामा महाराज को उस विषय के बारे मे पूर्ण अवगत कराया |महाराज तुरंत साहूकार के उपर नाराज हो जाते और बोलते है की पहली बार तेनालीरामा बर्तन देते है तब आप मान्य करके रख लेते है की उसमे जिव है |आज जब आप का नुकसान होने लगा तब आप कहते है  की बर्तन में जिव नही होता है |
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साहूकार ने तेनालीरामा पर नाराज होने  लगा की आप को मेरा वर्तन देना ही होगा आप मुझे मुर्ख नही बना सकते |मैं महाराज से आप की  शिकायत  करूंगा |दोनों महाराज के समक्ष न्याय के लिए पहुचतें है |तेनालीरामा महाराज को उस विषय के बारे मे पूर्ण अवगत कराया |महाराज तुरंत साहूकार के उपर नाराज हो जाते और बोलते है की पहली बार तेनालीरामा बर्तन देते है तब आप मान्य करके रख लेते है की उसमे जिव है |आज जब आप का नुकसान होने लगा तब आप कहते है  की बर्तन में जिव नही होता है |
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महाराज ने  साहूकार को जुर्माना लगाया |साहूकार बेचारा सोचता रह गया की मेरे लालच की वजह से मुझे बहुत बड़ा नुकसान हो गया आगे से मै कभी लालच नहीं करूंगा और किसी को कभी धोखा नही करूंगा |तेनालीरामा की  बुद्धिकौशल और राष्ट्रभक्ति  से महाराज बहुत प्रसन्न होते है |
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महाराज ने  साहूकार को जुर्माना लगाया |साहूकार बेचारा सोचता रह गया की मेरे लालच की वजह से मुझे बहुत बड़ा नुकसान हो गया आगे से मैं कभी लालच नहीं करूंगा और किसी को कभी धोखा नही करूंगा |तेनालीरामा की  बुद्धिकौशल और राष्ट्रभक्ति  से महाराज बहुत प्रसन्न होते है |
    
[[Category:बाल कथाए एवं प्रेरक प्रसंग]]
 
[[Category:बाल कथाए एवं प्रेरक प्रसंग]]

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